6 अगस्त को UN-IIMUN के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे मोहन भागवत; 100 से अधिक शहरों से Gen Z और Gen Alpha छात्रों के पहुंचने की उम्मीद
मुंबई, 5 अगस्त 2026। सोशल मीडिया पर युवाओं की बढ़ती सक्रियता और हालिया कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत युवाओं के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करने जा रहे हैं। 6 अगस्त को मुंबई में आयोजित UN-IIMUN (India’s International Movement to Unite Nations) के वार्षिक सम्मेलन में देश के 100 से अधिक शहरों से आए छात्र-छात्राओं के साथ उनका संवाद प्रस्तावित है।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 2,000 Gen Z और Gen Alpha छात्र-छात्राओं के शामिल होने की उम्मीद है। युवा नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक चुनौतियों पर भारतीय दृष्टिकोण इस सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगा।
100 से अधिक शहरों के छात्र होंगे शामिल
कार्यक्रम की थीम “The Role of Youth in Uniting the World, the Indian Way” रखी गई है। सम्मेलन का उद्देश्य नई पीढ़ी को नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों पर भारतीय दृष्टिकोण से विचार करने और संवाद का अवसर उपलब्ध कराना है।
मोहन भागवत का संबोधन ऐसे समय हो रहा है जब देश में युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को लेकर चर्चा तेज है। खासकर सोशल मीडिया ने नई पीढ़ी को अपनी बात रखने और विभिन्न मुद्दों पर संगठित होने के लिए बड़ा मंच दिया है।
क्या CJP आंदोलन से जुड़ा है RSS का कार्यक्रम?
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा में आए CJP आंदोलन के बाद इस कार्यक्रम को कुछ लोग RSS की युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, यहां दोनों घटनाक्रमों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक RSS या कार्यक्रम के आयोजकों ने आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा है कि सम्मेलन अथवा मोहन भागवत का संवाद CJP आंदोलन की प्रतिक्रिया में आयोजित किया गया है।
इसलिए कार्यक्रम को सीधे CJP आंदोलन का परिणाम बताने के बजाय इसे मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक चर्चा के संदर्भ में देखा जाना अधिक उचित होगा।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों को लेकर भी सवाल
इस कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ अन्य दावे भी सामने आए हैं। इनमें दावा किया गया कि मोहन भागवत किसी “जैन जी” से जुड़े कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक शहरों में अलग-अलग मुलाकात करने वाले हैं।
लेकिन उपलब्ध जानकारी में ऐसे दावे की पुष्टि नहीं होती। घोषित कार्यक्रम में 100 से अधिक शहरों से आने वाले विद्यार्थियों के मुंबई सम्मेलन में भाग लेने की बात है, न कि मोहन भागवत के 100 से अधिक शहरों में अलग-अलग कार्यक्रम करने की।
ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य के रूप में साझा करने से बचना चाहिए।
RSS के लिए क्यों महत्वपूर्ण है युवा पीढ़ी से संवाद?
भारत में युवा आबादी का बड़ा हिस्सा सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से Gen Z की डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रियता ने राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के संवाद के तरीके को भी बदला है।
ऐसे में 2,000 युवा प्रतिभागियों के बीच RSS प्रमुख का संबोधन केवल एक औपचारिक भाषण तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रम में भारतीय दृष्टिकोण, नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
6 अगस्त के मोहन भागवत के संबोधन पर रहेगी नजर
अब नजर 6 अगस्त को मुंबई में होने वाले कार्यक्रम पर होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मोहन भागवत Gen Z और Gen Alpha के सामने किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं और भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया को जोड़ने में युवाओं की भूमिका को किस तरह परिभाषित करते हैं।
कार्यक्रम के बाद उनके संबोधन से निकलने वाले संदेश और युवाओं की प्रतिक्रिया भी सामाजिक एवं वैचारिक विमर्श में चर्चा का विषय बन सकती है।

