मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर में आयोजित एग्रीकल्चर इनोवेशन इवेंट के उद्घाटन में हुए शामिल

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर में आयोजित एग्रीकल्चर इनोवेशन इवेंट के उद्घाटन में हुए शामिल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज जबलपुर में आयोजित एग्रीकल्चर इनोवेशन इवेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसने की कृषि में समृद्धि को लेकर कहा कि कल्याण वर्ष के कई सारे कार्यक्रम किसानों की कृषि में समृद्धि आए। हमारी सरकार द्वारा पूरा वर्ष किसान कल्याण वर्ष मना रहे हैं। ऐसे में समृद्ध किसान सशक्त प्रदेश के नवाचार पर आधारित यह कृषि मंथन जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में आयोजित किया गया। जहां विविध प्रकार के अलग अलग किसानों के हित के संबंध में बहुत सारे यंत्रों की विविध प्रकार के स्टार्टअप की कृषि की जिंस के उपज के बीजों की बहुत सारी अलग अलग स्टार्टअप के स्टॉल पर प्रदर्शनी लगाई गई थी।”

मोहन यादव ने आज के कार्यक्रम को बधाई देते हुए कहा कि “मेरी अपनी ओर से बधाई और उम्मीद है कि हमारे इस कार्यक्रम के साथ कई प्रकार के लोकार्पण भूमि पूजन भी किए गए। स्वर्गीय भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का लगभग 17 करोड़ की लागत से एक नए भवन का लोकार्पण भी किया गया। यहीं नरसिंहपुर में गन्ना रिसर्च सेंटर का एक बड़ा कार्य नया यूनिट प्रारंभ हुआ है। इसी के साथ साथ हमारे अलग अलग प्रकार के विविध उद्यमियों को हितग्राहियों को उनके हित लाभ वितरण का कार्यक्रम भी रखा गया था। पूरे वर्ष हमारे इन सारे कार्यक्रमों से कृषक कल्याण की जो हमारी मनोभावना है, उस पर हम काम कर रहे हैं और खासकर यह तो कृषि सब्जेक्ट का विश्वविद्यालय है। एग्रीकल्चर में सभी प्रकार के नवाचार, नई तकनीक देश के साथ विदेश के भी कई विद्वान आए हुए हैं। वह सब अपने अनुभव शेयर करेंगे और उम्मीद करेंगे इन सबके माध्यम से किसानों की आय बढ़े। हमारी फसलों का सही उत्पादन मिले, कम पानी में बेहतर फसल हो, बिजली, पानी, खाद सबके अंदर एक समेकित रूप से इस प्रकार का उपज से जितने आमदनी बढ़े, इस दिशा में लगातार सरकार काम कर रही है।” 

मोहन यादव ने आगे कहा कि “मुझे संतोष है कि सरकार के इन सारे प्रयासों से पूरे प्रदेश में अनुकूलता का माहौल बना हुआ है। इसी कारण से हमारे लिए फसलों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। अकेले गेहूं का उत्पादन भी आज हमारे मध्य प्रदेश के अंदर सबसे बेहतर स्थिति में आया है। हमने कई मामलों में पंजाब को पीछे छोड़ा है। ऐसे में हमने किसानों को लिए भी जो हमारा कमिटमेंट है। कल से हम उपार्जन चालू कर रहे हैं 2625 का दाम देकर के और हमने उसका सारा प्रबंधन कर लिया। यद्यपि बहुत सारी चुनौतियां थी। वैश्विक स्तर के हालात भी सबके सामने हैं, लेकिन किसानों के प्रति हमारी जो प्रतिबद्धता है, हमारे लिए किसान अन्नदाता सर्वोपरि है। मैं कांग्रेस के मित्रों से भी कहना चाहूंगा कि वो कर्मकांड छोड़े और अपने पाप गिन ले। जब जिनके समय से ना सिंचाई का रकबा था, ना खेत में बिजली थी, ना पानी के प्रबंधन थे और सिंचाई का रकबा भी 55 साल तक केवल साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था। मुझे इस बात की प्रसन्नता है। आज दो साल में 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा तो हमने दो साल में सिंचाई का रकबा बढ़ाया है। आज 55 लाख हेक्टेयर से ज्यादा का सिंचाई का रकबा हम पांच साल में 16 लाख हेक्टेयर तक ले जाने वाले हैं और धीरे धीरे करके क्रमशः इसे सब क्षेत्रों में आगे बढ़ाएंगे।”

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