शादीशुदा का लिव- इन कोई अपराध नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट 

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शादीशुदा का लिव- इन कोई अपराध नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर एक अहम और स्पष्ट निर्णय लिया है हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर फैसला लिया है कोर्ट ने शादीशुदा  पुरुषों के लिए स्पष्ट किया है कि अब वह बालिग  महिला के साथ लाइव इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं यानी अब शादीशुदा पुरुषों का बालिग  महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना अपराध नहीं माना जाएगा। हाई कोर्ट का यह फैसला नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से यह मामला जुड़ा हुआ है। दरअसल शाहजहांपुर में एक शादीशुदा पुरुष और एक बालिग महिला एक साथ रह रहे थे जिस पर महिला के परिवार वालों ने आपत्ति उठाई और जब कपल नहीं माना, उसके बाद महिला के परिवार वालों ने पास के जैतीपुर थाने में FIR दर्ज कराई। यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया। 

दरअसल कपल ने भी अपनी सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में अपील की है जिस पर जस्टिस जे. जे.मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना ने इस मामले की सुनवाई में परिवार की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ” ऐसा कोई अपराध नहीं है जहां शादीशुदा पुरुष और बालिग महिला लिव इन रिलेशनशिप में रह सके। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत वह पूरी स्वतंत्रता के साथ रह सकते हैं।”

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